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टाप लेस शनाया

तुम्हारा गुस्सा हमेशा मुझ पर ही क्यों निकलता है ।

मुझ में इतनी हिम्मत नहीं कि तुम्हें और तुम्हारे बेटे को कंट्रोल कर सकूं।

उसे फोन करो और पता करो कि वह कहां है ।उसके डैड ने हंस कर कहा।

उसकी मां उसे फोन करने लगी ।पहली बार वेल जाती रही ।उसने फोन नहीं उठाया । उसकी माम ने दूसरी बार फिर फोन किया ।इस बार उसने पहले वेल परी उठा लिया ।

सॉरी माम में वॉशरूम में था ।

कहां हो बेटा। खाने का टाइम हो रहा है।

मैं पेंट हाउस में हूं ।

आज मैं नहीं आ रहा। प्लीज  बात बात पर फोन मत किया करो ।

मुझे ऐसे जवाब देना पसंद नहीं। कहते हुए वेद ने फोन काट दिया।

क्या हुआ क्या कहा उसने ।

उसकी मॉम उदास हो गई तो उसके डैड ने पूछा ।

मुझे इस लड़के की बहुत फिक्र है।

इतना गुस्सा अच्छा नहीं।

मालूम नहीं क्या हो गया ,किस के साथ लड़ाई हुई है।

वह नहीं आएगा  आज भी घर।

पेंट हाउस पर रहेगा ।

आपको क्या जरूरत थी उसे पेंट हाउस गिफ्ट करने की ।

अब वो घर नहीं आने वाला।उसकी मॉम उसके डैड पर गुस्सा हो गई ।

अगर उसके पास अपना पेट हाउस था तो उसमें चला गया ।

अब हमें पता है वह वहां पर सेफ है ।

मैंने वहां पर  सभी काम वालों का भी इंतजाम कर दिया है ।

किसी होटल में रहने से अच्छा है कि वह वहां है

तो अब हमें उसकी फिक्र करने की जरूरत नहीं।

मैंने सोच समझकर उसके लिए टेंट हाउस तैयार करवाया है।

यह तो आपने ठीक किया ।

उसकी माम कहने लगी।

अब तक तो मैंने ठीक किया नहीं किया था ।

अब तुम मेरी बात से सहमत हो।

तुम अपना मूड ठीक करो । उसके डैड ने कहा।वो उसकी माम को समझाने

कोई बात नहीं, ठीक हो जाएगा।

मेरे मूड की कोई बात नहीं है। उसकी मॉम ने कहा।

वेद अपने पेंट हाउस में बैठा हुआ था ।वो  अपने बेडरूम में चेयर पर बैठा था और ड्रिंक पर ड्रिंक कर रहा था ।वो उस लड़की को भूलना चाहता था। पिछले 5 सालों से वो हर रात उसके सपने में आती थी और आज उसके ऑफिस में उसी का इंतजार कर रही है।

वह सोचता था कि पता नहीं क्या हुआ होगा उसका ।

मगर वह पहुंची हुई थी, उसने वेद  को ढूंढ लिया था।

वेद का सिर घूम रहा था ।

वह अपनी आंखें बंद किए हुए बैठा था। उसके फोन पर कितनी सारी मिस कॉल थी ।मगर वह फोन नहीं उठा रहा था। सिर्फ  अपनी माम का फोन उठाया था।माम के बाद जब मलिक का फोन आया तो उसने उठा लिया।

कहां हो तुम।

मैं तो क्लब में तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं।

जल्दी से आ जाओ।

नहीं मैं नहीं आ रहा ।

मेरा सिर दर्द कर रहा है । वेद ने कहा।

मैं अपने पेंट हाउस में हूं।

मेरे पास तुम्हारी कल की खूबसूरत फ्रेंड है ।

वह तुम्हारे बारे में पूछ रही है ।

दिल नहीं लग रहा उसका तुम्हारे बिना।

तो तुम्हारे पेंट हाउस पर भेज देता हूं ।

तुम्हारा सिर दर्द भी ठीक हो जाएगा।

उसने हंस कर कहा।

ठीक है भेज दो ।

मैं एड्रेस सेंड करता हूं। वेद ने कहा।

अच्छा है वह आ जाए ।

मैं इस लड़की को भूल जाऊं ।

उसके साथ मेरा टाइम भी अच्छा गुजर जाएगा ।

पिछली रात वेद भी भुला नहीं था।

तकरीर बना आधे घंटे में ही वह वहां पहुंच गई थी। वेद  ने पेंट हाउस का दरवाजा खोला ।

लगता है मेरे बिना मन नहीं लगा तुम्हारा।

मेरे पेंट हाउस में तुम्हारा स्वागत है।

वेद ने मुस्कुराकर कहा।

वह दोनों तरफ उसके बेडरूम की तरफ जाने लगे थे ।कमरे में पहुंचते ही उसने अपने पैरों की हील उतार दी और सोफे पर बैठ गई।

मुझे नहीं पता था तुम वेद मेहरा  हो।

तुमने मुझे बताया ही नहीं।

मैं तो सुनकर हैरान हो गई । शनाया आहुजा ने कहा।

तो क्या फर्क पड़ता है मैं वेद मेहरा हूं जां कोई और ।

वह भी उसके साथ सोफे पर ही आ गया था ।

पहले मैं हम दोनों के लिए ड्रिंक बनाती हुं।

वो उठकर ड ड्रिंक बनाने लगी।

जानते हो बेबी एक ही रात में तुमने मुझे अपना गुलाम बना लिया ।

शनाया आहुजा का दिल आज तक किसी पर नहीं आया था।

मगर एक ही रात में तुमने मुझे अपना गुलाम बना लिया।

कल जैसा जबरदस्त प्यार है हम आज भी करेंगे।

ड्रिंक पीने के बाद एक दूसरे के नजदीक होने लगे ।वह दोनों  काफी नशे में हो चुके थे ।

उसने जो टाप पहना था।वो उतार दिया।वो उसकी गोद में आकर बैठ गई और वेद की टीशर्ट उतारने लगी। फिर उसने वेद की मस्कुलर बॉडी को टच किया।

मैं फैन हो गई तुम्हारी। कहते हुए वो अपनी इनरवियर की हुक खोलने लगी।

मैं भी बहुत सैक्सी हूं।

उसने बिल्कुल टापलेस होकर कहा। शनाया को अपनी सैक्सी बॉडी पर बहुत गुमान था।

शनाया वेद को किस करने लिए उसके चेहरे के नजदीक अपना चेहरा लेकर गई। और वेद के हाथ पकड़ कर बूबस पर रख दिए थे।जैसे ही वो उसे किस करने लगी। वेद ने उसे धक्का दे दिया।

वेद को उस लड़की में मानवी का चेहरा दिखाई देने लगा ।

तुम जहां पर क्या कर रहे हो।

पीछा क्यों नहीं छोड़ती । मैंने कहा तुम जहां पर क्या कर रही हो। उसने  शनाया  को धक्का दे दिया।

पागल हो गए हो क्या ।

वह नीचे गिर गई । शनाया सोफे से नीचे गिरी हुई पड़ी थी। उसे समझ नहीं आया था।

सारी । वेद ने उसे उठाते हुए कहा ।

तुम जाओ  जहां से। मैं ठीक नहीं हूं ।

वेद  ने उस को वहां से भेज दिया था।

मुझे उस लड़की से साफ-साफ बात करनी है ।

मैं उसे ऑफिस से निकाल दूंगा ।ऐसे ही उसने पूरी रात गुजारी थी।  एक मिनट के लिए भी  मानवी उसके दिमाग से नहीं निकल रही थी।

प्लीज मेरी सीरीज प

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