
रवीना मलिक एक बड़ी हीरोइन बनना चाहती थी। उसने छोटे-छोटे कई रोल फिल्मों में कीए।कहीं पर भी उसकी बात नहीं बन रही थी। ऐसे में उसकी फ्लैटमेट मीनल जो कि एक मॉडल थी। उसे एक फिल्म फाइनेंसर से मिलाती हैं। बो रवीना के फाइनेंसर से मिलने के लिए रात की अपॉइंटमेंट फिक्स कराती है।
मीनल रवीना से: रवीना तुम्हें पता है ना उस फाइनेंसर को कैसे खुश करना है?
रवीना: डोंट वरी तुम फिकर मत करो, बस एक बार तुम मुझे उससे मिला दो ...मैं उसे ऐसा खुश करूंगी कि तुम सोच भी नहीं सकती।
मीनल: ठीक है.. आज रात तुम्हें फिल्म फाइनेंसर ने होटल ब्लू हैवन में बुलाया है। वहां पर तुम 308 नंबर कमरे में चली जाना। और हां तुम रात को क्या पहन कर जाओगी।
रवीना: यार चाहे कुछ भी पहने वहां जाकर तो सब उतारना ही है।
मीनल: रवीना तुम एक बात याद रखना तुम्हें उसे पूरी तरह से सैटसफाईड करना है। उसके पास लड़कियों की कमी नहीं है। हर बड़ी हीरोइन को वह अपने बिस्तर पर ले जाता है। पर जो उसे पूरी तरह से खुश कर देता है। वह फाइनेंसर उस लड़की को बड़ी हीरोइन बना देता है ्।
रवीना:ना तुम फिकर मत करो मैं उसे ऐसे खुश करूंगी। फिर वह मुझे फिल्म जरूर लेगा।
मीनल: अरे मैं तुमसे एक बात पूछूं... फर्स्ट टाइम किसके साथ किया था ।
रवीना :नहीं पहले तुम बताओ तुमने किसके साथ किया।
मीनल: ठीक है मैं भी बताऊंगी कि मैंने किसके साथ किया था.. मगर पहले मैंने सवाल किया है तो मुझे तुम बताओ।
रवीना: बात तब की है मैं प्लस टू में फेल हो गई थी और मेरे सभी सहेलियां पास... मेरे सारे सब्जेक्ट में बहुत बुरे नंबर आए थे.. मैंने मैं अच्छे से पढ़ाई ना की .. वैसे भी मैं अपने मां बाप की एकलौती लाडली बेटी थी मेरे पापा का बहुत बड़ा बिजनेस था।
पापा अपने बिजनेस में बिजी रहते थे। वह बिजनेस टूर पर जाते.. कई कई दिन नहीं लौटते थे.. मां अपनी पार्टी और अपने सोशल वर्क में बिजी रहती।
जब मैं फेल हो गई तो उन्होंने सोचा कोई ट्यूशन टीचर रख दे... जब ट्यूशन टीचर ढूंढने लगे तो उनके ऑफिस में काम करने वाले एक आदमी ने कहा कि उनका बेटा ने ने इसी साल एमकॉम किया है और वह बहुत इंटेलिजेंट है.. अगर आप कहे तो आपकी बेटी को घर पढ़ाने आ जाया करेगा। पापा ने हम बोल दी और वह घर पढ़ाने के लिए आने लगा।
असल में पापा के ऑफिस में काम करने वाला वह वाली पापा से बदला लेना चाहता था.. पापा ने कई बार उसकी बहुत बेजती की .. उस आदमी ने अपने बेटे से कहा कि मुझे बर्बाद करदे।
मीनल: तो क्या उस लड़की ने तुम्हारे साथ रेप किया?
रवीना: नहीं
मीनल: तो फिर कैसे किया तुम्हारे साथ?
रवीना: उसने अपना बदला तो लिया मगर मगर प्यार का पहला एहसास भी इस जिस्म को उसी ने दिलाया... हम लोगों ने बड़े मजे की है साथ में
एक महीना तो उसने बड़े अच्छे से ट्यूशन पढ़ाया उसने मां और पापा का दिल जीत लिया जब मां और पापा को सब सही लगा तो उन्होंने मेरे और उस लड़के की तरफ ध्यान देना बंद कर दिया बस वहीं से शुरु होती है मेरी कहानी।
जब वो ट्यूशन पढ़ाने आता तो हम दोनों कमरे में अकेले होते.. हमें कोई डिस्टर्ब ना करें इसलिए दरवाजा भी बंद कर देते... पढ़ाते समय धीरे-धीरे मेरे कभी मेरी थाइज़ पर कभी पीठ पर हाथ लगाता .... उसका हाथ लगाना मुझे अच्छा लगता.. मैंने उसे कुछ नहीं कहा ... एक दिन उसने मेरी फ्रॉक उठाकर मेरी दोनों थाइज को अच्छे से सहलाया ...फिर वह मेरी बूब्स को सहलाने लगा.... मैंने अपने दोनों आंखें बंद कर ली।
मीनल :तुम्हारी कहानी सुनने में तो बहुत मजा आ रहा है फिर क्या हुआ?
अगले दिन उसने मेरी टीशर्ट में हाथ डाल दिया और बारी-बारी से दोनों को जोर से दबाने लगा.... मैं धीरे-धीरे सिसकारियां मेरे मुंह से निकलने लगी.... जब उसे लगा मैं गर्म हो गई हूं तो... उसने मेरी स्कर्ट के नीचे से हाथ डाल दिया और उंगली अंदर बाहर करने लगा... मैंने अपने दोनों पैर खोल दिए और जोर-जोर से सिसकारियां लेने लगी.. उसने मेरे मुंह के ऊपर अपना हाथ रख दिया और उंगली से करता रहा..
उसने रात को मेरे फोन ऊपर ब्लू फिल्म भेजी.. जिनको मैंने देखा तो मेरा भी वैसा करने को मन करने लगा ..मैंने खुद ही उसको फोन लगाया ..मैंने उसे पूछा उसने मुझे जी फिल्म क्यों भेजी है ..तो फिर कहने लगा अगर तुम चाहो तो हम भी ऐसा कर सकते हैं ..उसने कहा कल दिन को मैं उसके घर आ जाऊं.. उसके घर कोई नहीं है सभी बाहर गए हुए हैं।
अगले दिन मैं उसके घर चली गई.. उसके घर पर कोई नहीं था... उसने दरवाजा बंद कर दिया.. उसने मेरे गले में बाहें डाल दी... उसने मेरा चेहरा पकड़ा धीरे से मुझे किस करने लगा.. वह बड़े प्यार से धीरे से मेरे होठों को चूसता रहा और मैं भी उसका साथ देती रही .. जब मैं पूरी गर्म हो गई तो... उसने अपने हाथ मेंरी शर्ट में डाल दिया तो... म उसने मेरी शर्ट खोलकर दोनों को बाहर निकाल लिया.. बड़े प्यार से दोनों को बारी बारी से चूसता रहा...
एक को पकड़कर धीरे-धीरे चूस रहा था तो दूसरे को धीरे धीरे मसलता रहा ...फिर वो दूसरे को चुसने लगा और पहले वाले को धीरे-धीरे मसलने लगा.. मैं धीरे-धीरे सिसकारियां ले रही थी .... फिल्म सनी मेरी शर्ट के साथ साथ मेरी पैंट भी उतार दी.... फिर उसने अपने कपड़े उतार दिए.. एक बार में डर के मुझे लगा.. इतना बड़ा मेरे अंदर कैसा आएगा ..मैंने ब्लू फिल्म देखा था सारे का सारा ही अंदर चला जाता है।
बो समझ गया मैं डर रही हूं... उसने मुझसे कहा डरो मत तुम्हें कुछ नहीं होगा.. उसने मुझे बांहों में उठा कर बेड पर लिटा दिया और अपनी उंगली मेरी अंदर डाल दी... 20 मिनट तक उंगली से करता रहा.. जब उसे लगा कि मैं बिल्कुल तैयार हूं तो उसने एक धक्के से मेरे अंदर डाल दिया.... मैन जोर से चिल्लाने लगी उसने अपना हाथ मेरे मुंह पर र
ख दिया फिर धीरे-धीरे करने लगा मेरा दर्द कम होने लगा है और मुझे मजा आने लगा


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